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मोदी कि हवा है क्या ?

राम - राम चाचा क्या हाल है? राम - राम कमल हाल तो बेहाल है बेटा। गर्मी का महीना शुरू हो रहा है। भाजी के भाव फिर आसमान छूने लगेंगे। अपने यहाँ तो AC भी नहीं है कि रात में चलाकर सुख कि नींद सो जाये। अरे चाचा गर्मी तो आती जाती रहेगी और आप कौन सा विलायत से आये है कि इस गर्मी को झेल नहीं पाएंगे। अरे बेटा गर्मी तो झेल लेता मैं पर चुनाव आ रहे है। अरे चाचा चुनाव और गर्मी का क्या लेना देना है। लेना देना क्यों नहीं है बेटा। रोज बोटी खाकर दारु पीकर गर्मी बढ़ जायेगी और फिर रात गर्मी में नींद नहीं आएगी तो दूसरे दिन नेताजी कि जय कैसे करेंगे। ये नेता लोग जब खाने पीने का इतना बढ़िया इंतजाम करते है तो सोने का क्यों नहीं करते समझ में नहीं आता है।

अरे चचा वो सब बात तो होते रहेगी आप ए बताओ कि मोदी कि हवा है या नहीं? अरे बेटा बड़ा आसान सा सवाल पूछा तुमने। अरे चचा सवाल तो आसान है परन्तु बड़े बड़े पोलिटिकल पंडित भी इस सवाल का सही जवाब नहीं दे पा रहे है। अरे बेटा कमल जब पंडित अपनी पंडिताई ढंग से नहीं कर पा रहे है तो तुम हमसे क्यों पूछ रहे हो ? अरे चचा पोलिटिकल पंडित जिस बात का जवाब नहीं दे पाते उसका सही जवाब आप लोगो से ही मिलता है। चचा एक बात जान लो AC के बड़े बड़े कमरो में बैठकर पंचायत करने वाले ए सरे पंडित किसी आप जैसे लोगो से ही तो बात सुनकर जाते है और उसे अपना बनाकर ठोंक देते है। पान कि दुकान पर होने वाली गपशप प्राइम टाइम में पंडिताई बन जाती है।

अरे चाचा आप ए बताओ कि मोदी कि हवा है या नहीं?

अरे बेटा कमल यदि तुम इतना जोर दे रहे हो तो चलो तुम्हे समझा देता हु। क्या कहे रहे राहुल गांधी आज कल "कट्टर सोच नहीं युवा जोश" समझ में नहीं आता कि इतना पैसा खर्च करके राहुल गांधी अपने टीवी एड में मोदी कि बात क्यों कर रहे है। रोज कांग्रेस का कोई न कोई नेता मोदी कि बुराईया गिनाने में लगा हुआ है। कट्टर सोच, खुनी, नपुंसक, हिटलर पता नहीं अचानक से मोदी को कांग्रेस वालो ने कितनी प्रतिभाओ का धनि बता दिया है। कांग्रेस के कुछ नेता कहते है कि वो अपनी उपलब्धियों को ठीक से मार्केटिंग नहीं कर पाये, अरे कैसे कर पाएंगे जब देखो तब मोदी कि बात करते है, अरे जब अपने बारे में बात नहीं करेंगे तो उपलब्धिया कैसे गिनायेंगे।

कोंग्रेस के साथ साथ सभी दल जो मोदी के खिलाफ है वो मोदी के बुराई में लेगे है। सभी दलो ने मोदी का अपना प्रतियोगी मान लिया है है। सभी मोदी के नाम से सुबह दुकान खोलते है और रात को मोदी के नाम से दुकान बंद करते है इससे तो यही लगता है कि चुनाव मोदी के खिलाफ लड़ा जा रहा है, न कि शासन में 10 साल रहे कांग्रेस के खिलाफ। और हर कोई उसी से लड़ता है जिसके जीतने कि संभावना होती है। अब ज्यादा सवाल मत पूछो और मेरे जवाब में से अपना जवाब बूझो और खुद ही समझ जाओ मोदी कि हवा है क्या ?