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#कविता - समंदर से आप ने क्या सीखा है

क्या आप ने समंदर देखा है,
समंदर से आप ने क्या सीखा है,

रोज अपनी सीमा बनाता है,
पीछे हट जाता है,
और फिर आगे आता है,
पीछे हटकर जब आगे आता है,
तो बुराई किनारे छोड़ चला जाता है,

बहुत विशाल है समंदर,
पर दूर चाँद कि रोशनी 
से शर्माता है,
सूरज उसको दिन भर तपाता है,
शाम होते ही समंदर ठंडा हो जाता है,
ज्वार - भाटा में अठखेलिया दिखता है,

समंदर के उदर में प्यार पलता है,
पानी खारा संसार को जीवन पहुंचता है,
गर्भ में अपने कई जीवनो को पनपाता है,
समंदर प्यार,उदारता,परोपकार सीखता है,
समंदर हमें जीवन में कितना कुछ सिखाता है

छोटी सी नाव को अपनी गोद में खिलता है,
विशाल 
समंदर हमें छोटो से व्यवहार सिखाता है,
अच्छाई अपना कर बुराई त्यागना सिखाता है,
समंदर विभन्नता में एकता दिखलाता है,
छोटे कण-विशाल हिमकाय जोड़ परिवार बनता है

क्या आप ने समंदर देखा है,
समंदर से आप ने क्या सीखा है,




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टिप्पणियाँ

  1. doosara paira "roj apnee seema banata hai..." apne aap mein poora hai; iske aage naa bhee likhte to ye kavita khoobsurat thee

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    1. धन्यवाद, कोशिश करते हैं की पूरा लिख दें

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