​पुरानीबस्ती पर प्रकाशित सभी ख़बरें सिर्फ अफवाह हैं, किसी भी कुत्ते और बिल्ली से इसका संबंध मात्र एक संयोग माना जाएगा। इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इसे लिखते समय किसी भी उड़ते हुए पंक्षी को बीट करने से नहीं रोका गया है। यह मजाक है और किसी को आहत करना इसका मकसद नहीं है। यदि आप यहाँ प्रकाशित किसी लेख/व्यंग्य/ख़बर/कविता से आहत होते हैं तो इसे अपने ट्विटर & फेसबुक अकाउंट पर शेयर करें और अन्य लोगों को भी आहत होने का मौका दें।

#व्यंग्य - आदर्श लिबरल

आदर्श लिबरल सुनते ही ऐसा लगता है कि कोई बंगाली बाला कुछ गुनगुना रही हो परंतु इस भ्रम से धोखा मत खा जाना। आदर्श लिबरल यह शब्द सुनने में जितना अच्छा लगता है उतना ही अधिक गिरा हुआ है। यदि गंदगी से भरे गटर में आपका कुछ सामान गिर जाये तो थोड़ी बहुत कोशिश करने के बाद मिले या शायद ना मिले लेकिन …… आदर्श लिबरल यदि गटर में गिर जाये तो लाख कोशिश करने के बावजूद नहीं मिलेगा क्योकि गटर और आदर्श लिबरल दोनों आपस में ऐसे घुल मिल जाते है कि आप को गटर में सिर्फ और सिर्फ गंदगी दिखेगी। 

आदर्श लिबरल की कई प्रजातियां अलग-अलग स्थान पर पाई जाती है परंतु इनका सबसे बड़ा समुह दिल्ली और लुटियन इलाके में बहुताय मात्रा में मिलता है। दिल्ली और लुटियन क्षेत्र में सबसे अधिक मात्रा में डकैत पाये जाते हैं, आदर्श लिबरल की आय का सबसे बड़ा साधन लुटियन क्षेत्र के डकैत है। आदर्श लिबरल की एक प्रजाति पत्रकार के रूप में भी पनप रही है। ये पत्रकार असली मुद्दे की बात रखना चाहते है। असली मुद्दा ये है की हमारे देश के प्रधानमंत्री किस कम्पनी की कलम से हस्ताक्षर करते है उनके पास महँगी घड़िया और अरमानी के कपड़े खरीदने के पैसे कहा से आये है। और वो i-फ़ोन - i-पैड से ट्वीट करके किसान की गरीबी तथा सादा जीवन उच्च विचार से प्रेरित होने की बात करते है। 

आदर्श लिबरल की एक प्रजाति उंगल बाज होती है। इनकी उंगलियाँ जादू (कोई मिल गया फिल्म वाला) के जितनी लंबी होती है। इनकी उंगली इनके काबू में नहीं रहती है। ये हर किसी को लिफ्ट में, प्लेन में और ऑफिस में उंगली करते रहते है, विशेषकर महिलाओ को। उंगल बाज आदर्श लिबरल रावण की पूजा करते है क्योंकि भगवान को पूजना तो संपूर्ण आदर्श लिबरल प्रजाति के खिलाफ है। ये रावण की पूजा इसलिए करते है क्योंकि उंगली करने की प्रेरणा इन्हे रावण से मिली है। इनका मानना है की रावण को सीता पसंद थी तो उसने अपनी आदर्शवादी विचारधारा के तहत सीता का अपहरण किया और सीता का बचाव ना कर पाना श्री राम की असफलता को दर्शाता है। 

आदर्श लिबरल को कलयुग का नारद कहना गलत नहीं होगा क्योंकि वो हर अच्छी चीजों में बुराई ढूंढ लेते है। चाय थोड़ी और गरम होती तो मजा आ जाता। भाजी में हल्का सा नमक कम था। आज बरसात तेज हो रही है, आज ठण्ड ज्यादा है, आज गरमी बढ़ गई है, हर चीज में ये खामिया ढूंढ लेते है। ये फ्री सेक्स और ओपन माइंड की इतनी बात करते है की कभी कभी इनके खुद की बहन बेटियो के कारनामे इन्हे सीधे समाचार पत्रो या टीवी से मिलते है। 

आदर्श लिबरल ट्विटर पर अपने से विपरीत राजनैतिक विचारधारा रखने वालो को फॉलो नहीं करते है और उनकी विचारधारा पर तर्क करने पर वो लोगो को ब्लॉक कर देते है। आदर्श लिबरल का मानना है की भीष्म ने अपनी भुजाओ के बल पर गांधारी का विवाह धृतराष्ट्र से करवाया इसलिए महाभारत में बतलाया सकुनी का एक एक काम सही है और भारत सरकार को उन्हें भारत रत्न दे देना चाहिए। 
आदर्श लिबरल के बारे में और जानने के लिए आप #AdarshLiberal को ट्विटर पर ढूंढ सकते है।  

पों पों - अगले सोमवार फिर आना बस्ती में, एक नई रचना के साथ आपका स्वागत होगा। आप अपनी राय और सुझाव हमें नीचे टिप्पणी में लिख सकते है।

38 टिप्‍पणियां:

  1. Sahi kaha bhai kafi logo ne block kiya hai ussme se ek hai Vishal Takla

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. चलो आज नहीं तो कल आपका ब्लॉक उठ जायेगा

      हटाएं
  2. Bahut hi lajawaab....aapka ab tak ka sabse achcha lekh lagaa....mazaa as gayaa padhkar Bhai..keep rocking...

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. मुझे लगता है अब तक पहला लेख है जिसे आपने पढ़ा :)

      हटाएं
  3. @PuraneeBastee आज तक का सब से नायाब ब्लॉग एकदम कटु सत्य। एक #आदर्शलिबरल अपने हर उल जुलूल लॉजिक को सत्य साबित करने के लिए हद से गिर जाता है।ट्विटर पर भी भरमार है ऐसे सो कॉल्ड लिबरल्स की

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही उम्दा कार्य । जारी रखियेगा। हकीकत से आमना सामना।

    उत्तर देंहटाएं
  5. वर्तमान परिस्थितियों का यथार्थपूर्ण उल्लेख किया है आपने। बहुत से लोग हैं इस तरह के समाज में। अपनी लेखनी से समाज की एक सोच को इंगित करती रचना। शुभकामनायें।

    -ज्योत्सना खत्री

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. धन्यवाद - कोशिश रहती है की सच को सामने लाया जाए

      हटाएं
  6. चाय गरम नहीं है क्योंकि मोदी ने गैस सिलिंडर सही वक़्त पर नहीं पहुँचाया. चाय ज्यादा गर्म है क्योंकि मोदी में गर्मी कुछ ज्यादा भरी हुई है.

    उत्तर देंहटाएं
  7. उम्दा लेख सर, पर व्यक्तिगत बोलू तो matter थोड़ा बिखरा हुआ लगा, जो कहना चाहते थे वो बेहतर तरीके से समायोजित हो सकता थबचपन में रौला तो उसे लौंडे का होता था जिसके पास लाइट वाले ही जूते होते थे!! #बचपन

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. धन्यवाद - कोशिश रहेगी की आगे के लेखो में सुधर कर सकू

      हटाएं
  8. वाह भाई ....भयंकर चोट की है...लाजवाब................

    उत्तर देंहटाएं
  9. ये फ्री सेक्स और ओपन माइंड की इतनी बात करते है की कभी कभी इनके खुद की बहन बेटियो के कारनामे इन्हे सीधे समाचार पत्रो या टीवी से मिलते है।

    ye line padhke mujhe 2 minute tak hansi control nhi hui.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. धन्यवाद - हँसते रहिये और पढ़ते रहिये

      हटाएं
  10. @puraneebastee bahot khoob.....Kuch #adarshliberal logon ke ke chehre se parda bata kar intro karwa dete to icing on the cake waali baat hojaati... :)

    उत्तर देंहटाएं
  11. आपके लेखन का कायल हूँ
    उसी शृंखला में एक और कड़ी जोड़ी इस लेख ने

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. धन्यवाद आशीष जी - हमेशा कोशिश रहेगी की आपको कुछ बढ़िया पढ़ने को मिले

      हटाएं
  12. ये शायद दूसरी दुनिया बसाने के ख्वाब भी देखा करते हैं।
    बातें करोडों की, दुकान पकोड़ों की।

    उत्तर देंहटाएं
  13. भाई बवाल काट दिया आदर्श लिबरल का ! गज़ब कटाक्ष

    उत्तर देंहटाएं
  14. Kafi uttam tarike se is adarsh balak ki sacchai ko btya hai aapne ye jarrui hai jo media constitution ka 4th pillar hai uske pol kholne ke liye..lekhan hamesha ki tarah ati uttam hai ..

    उत्तर देंहटाएं
  15. उत्तर
    1. धन्यवाद मुफी - कोशिश रहेगी की आपको हमेशा कुछ नया पढ़ने को मिले

      हटाएं