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#व्यंग्य - मोदी जी का सेल्फ़ी प्रेम

१९४७ आजाद भारत

अंग्रेजों को भारत और पाकिस्तान को स्वतंत्रता देते समय कई शर्तें रखीं। उन सब शर्तों में जो शर्त भारत के लिए ठेढ़ी खीर साबित हुई वो थी, भारत के छोटे-बड़े राजाओं को पूरी स्वतंत्रता दी गई कि वो अपने राज्य को स्वतंत्रत घोषित कर सकते हैं या फिर पाकिस्तान अन्यथा भारत में अपना विलय स्वीकार कर सकते हैं। एक राज्य ऐसा था जिसे भारत और पाकिस्तान दोनों ही अपने में विलय करना चाहते थे और वो था कश्मीर।

कश्मीर बहुल्य मुस्लिम आबादी वाला राज्य था परंतु उसके राजा हिंदू थे जिनका घरना कई वर्षों से कश्मीर पर शासन कर रहा था। स्वतंत्रता की घोषणा होने के बाद कश्मीर स्वतंत्र देश बनना चाहता था। भारत और पाकिस्तान दोनो इस बात को मान गए। जिन्ना और नेहरू भी कश्मीर को फलता फूलता और संपन्न देखना चाहते थे लेकिन भारत को धोखा देकर पाकिस्तान ने कश्मीर पर अपना शासन कायम कर लिया और आज कश्मीर में दूध दही की नदियाँ बहती हैं।

२०१४ भारत

भारत में पिछले दस साल से कांग्रेस का शासन चल रह था। घोटालों की संख्या भारत की आबादी की तरह नियंत्रण से बाहर हो रही थी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एक ऐसे जहाज के कप्तान थे जहाँ जहाज का एक भी कर्मचारी उनकी बात सुनने को तैयार नही था। भाजपा के नेता नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे। चुनाव जितने के बाद मोदी जी ने सोचा कि कश्मीर जैसा राज्य यदि हमारे पास होता तो सेल्फी लेने में बहुत आनंद आता।

मोदी जी ने अपनी टीम को बुलाकर टाइम मशीन बनाने को कहा। वैज्ञानिक दिन रात मेहनत करके टाइम मशीन बनाने में जुट गए। तीन महीने की मेहनत के बाद आखिर टाइम मशीन बन गई। मोदी जी ने अपने एक मेजर से कहा कि तुम १९४७ में जाकर कुछ ऐसा करो कि कश्मीर हमारा हो जाए। मोदी जी का मेजर उनकी हर एक बात को साम,दाम,दंड,भेद से पूरा करने की कोशिश करता था। मेजर साहब टाइम मशीन में बैठकर १९४७ में पहुंच गए।

कश्मीर के राजा हरि सिंह अपने एक भाषण में लोगों को संबोधित कर रहे थे कि कश्मीर आजाद देश बनेगा। हमे पूरी उम्मीद है कि भारत या पाकिस्तान में से कोई भी हमपर हमला नही करेगा अन्यथा हमें दूसरे देश में विलय होने पर मजबूर होना पड़ेगा। राजा हरि सिंह की बातों से मेजर साहब को तुरंत एक युक्ति आ गई। मेजर साहब तुरंत टाइम मशीन में बैठकर २०१५ मे वापस आ गए।

मेजर साहब ने एक बहुत बड़ी टाइम मशीन बनवाई और उसमें अपने शार्प शुटरो को लेकर१९४७ में पहुंच गए। मेजर साहब ने पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर पर हमला कर दिया। देखते देखते कश्मीर का बड़ा हिस्सा मेजर साहब की चपेट में आ गया। चारो तरफ बेगुनाहों के खून की होली खेली जा रही थी। कश्मीर के राजा ने इस कत्ले आम के लिए बेचारे पाकिस्तान को जिम्मेदार समझा और भारत से मदद की गुहार की।

सरदार पटेल ने कश्मीर की मदद के लिए सेना भेज दी। देखते देखते कश्मीर पर भारत की सेना ने कब्जा कर लिया। आज कश्मीर में आये दिन कत्लेआम होता है। दहशतगर्दी की बजह हे आवाम का जीना दूभर हो गया है। जिस कश्मीर में में पाकिस्तान के शासन में सोने की चिड़िया बोलती थी वो मोदी जी के सेल्फी प्रेम के चलते बरबाद हो गया और मोदी जी को इसका जवाब देना होगा।

जल्द ही हम नरेन्द्र मोदी के कई और सच लेकर आपके सामने हाजिर होंगे। नमस्कार 

आदर्श लिबरल पत्रकार
इंडियन झूठमूठ एक्सप्रेस अखबार

टिप्पणियाँ

  1. उत्तर
    1. धन्यवाद - पढ़े बिना भी व्यंग्य की तारीफ कर लेते हो :प

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  2. बहुत गड्ड मड्ड है अखबार।

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    1. इस अख़बार का चाल चरित्र सब दोगले पण से भरा है

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  3. gharana ..
    Agar time machie mili to pakka modi pehley 2004 me jayengey PM banney

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  4. मस्त है समय में घूमने की कथा ...

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