​पुरानीबस्ती पर प्रकाशित सभी ख़बरें सिर्फ अफवाह हैं, किसी भी कुत्ते और बिल्ली से इसका संबंध मात्र एक संयोग माना जाएगा। इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इसे लिखते समय किसी भी उड़ते हुए पंक्षी को बीट करने से नहीं रोका गया है। यह मजाक है और किसी को आहत करना इसका मकसद नहीं है। यदि आप यहाँ प्रकाशित किसी लेख/व्यंग्य/ख़बर/कविता से आहत होते हैं तो इसे अपने ट्विटर & फेसबुक अकाउंट पर शेयर करें और अन्य लोगों को भी आहत होने का मौका दें।

#हास्य - मुंबई के शिवाजी स्मारक का सच


पिछले सप्ताह जब नरेंद्र मोदी जी ने मुंबई में शिवाजी स्मारक का शिलान्यास किया तो कुछ मित्र नरेंद्र मोदी से ३६०० करोड़ रुपए पानी में बहाने को लेकर नाराज हो गए। मैं उन मित्रों से निवेदन करता हूँ कि वो नरेंद्र मोदी से नाराज ना हो और शिवाजी के स्मारक को बनाने में उनकी सहायता करें। 

मुझे गुप्त सूत्रों से पता चला है कि शिवाजी महाराज का स्मारक एक ख़ुफ़िया तहखाना है जिसका उपयोग नरेंद्र मोदी जी बड़ी - बड़ी पनडुब्बियों को छुपाने के लिए और परमाणु बम रखने के लिए करेंगे। इस तहखाने में छिपाये गए परमाणु बम को अमेरिका और चीन जैसे देश अपनी सैटलाइट की मदद से भी नहीं देख पायेंगे और उन्हें भारत की सैन्य क्षमता का सही अंदाज नहीं लग पाएगा। 

शिवाजी के इस स्मारक से देश की सैन्य क्षमता मजबूत होगी और यदि किसी देश ने भारत पर परमाणु हमला कर दिया तो शिवाजी का पुतला जिन धातुओं से बना है, वो परमाणु बम से निकलनेवाली सभी हानिकारक किरणों को नष्ट करके हमें सुरक्षित रखेगी। इसके साथ ही साथ इस स्मारक को देखने के लिए दूर - दूर से लोग आयेंगे जिससे भारत में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। 

टिप्पणियाँ