​पुरानीबस्ती पर प्रकाशित सभी ख़बरें सिर्फ अफवाह हैं, किसी भी कुत्ते और बिल्ली से इसका संबंध मात्र एक संयोग माना जाएगा। इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इसे लिखते समय किसी भी उड़ते हुए पंक्षी को बीट करने से नहीं रोका गया है। यह मजाक है और किसी को आहत करना इसका मकसद नहीं है। यदि आप यहाँ प्रकाशित किसी लेख/व्यंग्य/ख़बर/कविता से आहत होते हैं तो इसे अपने ट्विटर & फेसबुक अकाउंट पर शेयर करें और अन्य लोगों को भी आहत होने का मौका दें।

क्या जन गण मन पर खड़े होने से माफ़ हो जायेंगे गुनाह?

नालासोपारा के सुप्रसिद्ध माफिया पोपु पेजर ने वो कर दिखाया जिसे आज तक कोई भी माफिया, गैंगस्टर और गुंडा नहीं कर पाया है। एक कत्ल करके पोपु पेजर जब मौकाए वारदात पर सभी को अपनी गुंडई दिखा रहा था, तब वहाँ पुलिस आ धमकी। पुलिस को देखकर पोपु पेजर ने भागना आरंभ कर दिया।

पुलिस पीछे - पीछे, पोपु आगे - आगे, दोनों पक्ष नालासोपारा की गलियों में पकड़ा-पकड़ी का खेल आनंद के साथ खेल रहें थे कि पोपु पेजर एक स्कूल के सामने से गुजरा। स्कूल में जन-गण-मन का राष्ट्रगान सुनकर वो उसके सम्मान में वहीं खड़ा हो गया और पुलिस ने उसे धर दबोचा।

पत्रकार चिल्हरु कुमार से बात करते हुए पोपु पेजर ने बताया कि वो राष्ट्रगान का बहुत सम्मान करता है इसलिए पुलिस के पीछे होने के बावजूद वो राष्ट्रगान सुनकर स्कूल के सामने खड़ा हो गया क्योंकि वो अपने देश से बहुत प्यार करता है।

न्यायालय में जब जज साहब ने पोपु पेजर के केस की सुनवाई की तो जज साहब ने पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब एक माफिया राष्ट्रगान का सम्मान कर रहा था, ऐसे समय में पुलिस ने राष्ट्रगान समाप्त होने का इंतजार नहीं किया और देशभक्ति का कानून तोड़ दिया।

जज साहब ने पुलिस को पोपु पेजर को ससम्मान छोड़ने का निर्देश देते हुए कहा कि पोपु के देशभक्ति के जज्बे को देखते हुए, उनके सभी गुनाहों का माफ़ किया जाता है और पोपु को पकड़ने वाले इंस्पेक्टर को दो दिन की लिए बिना तनख्वाह नौकरी से ससपेंड किया जाता है।

जय हिंद

टिप्पणियाँ