​पुरानीबस्ती पर प्रकाशित सभी ख़बरें सिर्फ अफवाह हैं, किसी भी कुत्ते और बिल्ली से इसका संबंध मात्र एक संयोग माना जाएगा। इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इसे लिखते समय किसी भी उड़ते हुए पंक्षी को बीट करने से नहीं रोका गया है। यह मजाक है और किसी को आहत करना इसका मकसद नहीं है। यदि आप यहाँ प्रकाशित किसी लेख/व्यंग्य/ख़बर/कविता से आहत होते हैं तो इसे अपने ट्विटर & फेसबुक अकाउंट पर शेयर करें और अन्य लोगों को भी आहत होने का मौका दें।

निहलानी की फिल्म "नैतिक - महाभारत" में सब कुछ होगा अलग

हमेशा से विवादों में घिरे सेंसर बोर्ड के चीफ पहलाज़ निहलानी ने फिर से फिल्म निर्माण में कूदने का फैसला किया है। निहालनी की आने वाली फिल्म का नाम "नैतिक महाभारत" है। फिल्म के ज़रिए किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे इसके लिए उन्होंने फिल्म की कहानी में कुछ बदलाव किए हैं।

-फिल्म में कर्ण का जन्म कुंती के विवाह के बाद दिखाया जाएगा, क्योंकि विवाह के पहले बच्चे का जन्म हिंदू धर्म की मान्यताओं के हिसाब से गलत है। निहलानी अभी भी कुंती द्वारा कर्ण को त्यागे जाने का कारण ढूंढ रहें हैं और अगर उन्हें इस कार्य में सफलता नहीं मिली, तो वह दिखाएंगे कि हस्तिनापुर की रक्षा के लिए कुंती ने अपने पुत्र को त्याग दिया। देशभक्ति के इस माहौल में कोई चाहकर भी निहलानी का कुछ बिगाड़ (उखाड़) नहीं पाएगा। 

-फिल्म में द्रौपदी के पांच पति ना होकर सिर्फ एक पति होगा, क्योंकि पांच पतियों वाली कहानी भारतीय संस्कृति के लिए ठीक नहीं होगी। पांच पांडवों में से द्रौपदी का पति कौन बनेगा इसका निर्णय निहलानी ने अभी नहीं लिया है, लेकिन अर्जुन से अपने व्यक्तिगत मतभेदों के चलते निहलानी ने उसे इस प्रतियोगिता से बाहर कर दिया है।

निहलानी की फिल्म में एकलव्य को भील जाति का नहीं दिखाया जाएगा क्योंकि पंडित कुल में जन्म लिए गुरु एकलव्य के दक्षिणा में अंगूठा मांगने से सर्वधर्म समभाव की परिकल्पना आहत हो सकती है। निहलानी ने फिल्म के इस दृश्य को और सही करने के लिए गुरु द्रोण के अंगूठा मांगने पर एकलव्य द्वारा 101 रुपया और पाव किलो मिठाई का डिब्बा गुरु द्रोण को दिए जाने का दृश्य लिखा है।

निहलानी ने भारत और विश्व में बढ़ रही हिंसा के मद्देनजर फिल्म से युद्ध को ही हटाने का निर्णय लिया है। युद्ध की जगह पांडव और कौरव रिपब्लिक टीवी पर अर्णब के सामने डिबेट के ज़रिए अपना-अपना पक्ष रखेंगे। भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा है ये दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर कौरवों के खिलाफ हैशटैग ट्रैंड करवाए जाएंगे। फिल्म के अंत में न्याय प्रणाली पर जनता का भरोसा कायम रखने के लिए सर्वोच्च अदालत कौरवों-पांडवों और रॉबर्ट वाड्रा के बीच तीन बराबर -बराबर हिस्सों में जमीन का बंटवारा कर देगी।