​पुरानीबस्ती पर प्रकाशित सभी ख़बरें सिर्फ अफवाह हैं, किसी भी कुत्ते और बिल्ली से इसका संबंध मात्र एक संयोग माना जाएगा। इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इसे लिखते समय किसी भी उड़ते हुए पंक्षी को बीट करने से नहीं रोका गया है। यह मजाक है और किसी को आहत करना इसका मकसद नहीं है। यदि आप यहाँ प्रकाशित किसी लेख/व्यंग्य/ख़बर/कविता से आहत होते हैं तो इसे अपने ट्विटर & फेसबुक अकाउंट पर शेयर करें और अन्य लोगों को भी आहत होने का मौका दें।

पंकित लाल ने EVM हैक होने की बात को बताया गलत

आम आदमी पार्टी के ख़ुफ़िया कार्यकर्ता मिस्टर पंकित लाल ने दिल्ली के नगर निगम चुनवों में पार्टी के सामने एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट पेश की जिसके तथ्य केजरीवाल और पार्टी के अन्य बड़े नेताओं को बहुत ही सन्सनीखेश (वाहियात) और चौंकाने (बिना सिर पैर के) वालें लगे।

पंकित लाल ने बताया कि नरेंद्र मोदी ने हिमालय में तपस्या करके ऎसी सिद्धि प्राप्त की है, जिससे वो घर बैठे - बैठे वोट देनेवाली जनता का मन हैक कर सकते हैं। २०१४ के चुनावों के इसी तकनीक का इस्तेमाल करके उन्होंने जनता का मन हैक किया और सभी से जबरदस्ती भाजपा को वोट डलवाया। इसलिए भाजपा पर EVM हैक करने का आरोप लगाना गलत है।

अपनी बात को प्रमाणित करने के लिए पंकित लाल ने सभी लोगों को "इन्सेप्शन" फिल्म को कई बार हिंदी और अंग्रेजी में दिखाया।

केजरीवाल ने फिल्म देखने के बाद उसकी समीक्षा करना आरंभ किया ही था कि पंकित लाल ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा फिल्म से जुड़ा कोई भी आदमी भारत में मतदाता नहीं है इसलिए सभी का समय ख़राब करने की कोई जरुरत नहीं है। केजरीवाल ने पंकित से मानव हैक प्रोग्राम मोदी से चुराने के लिए कहा। जिसपर पंकित ने कहा कि वो स्वयं भी डेंगू और चिकन गुनिया की बीमारी से मरने के लिए तैयार हैं।

केजरीवाल ने पंकित से कहा कि यदि वो लोग मोदी का मानव हैक प्रोग्राम नहीं चुरा सकते हैं तो EVM हैक करके पार्टी को जीत दिलाने का मार्ग खोजा जाना चाहिए। अन्यथा आम आदमी पार्टी २०१९ तक विलुप्त हो जाएगी। केजरीवाल के प्रस्ताव के बाद पंकित अपनी टीम के EVM हैकिंग के रिसर्च के लिए निकल चुके हैं।

​पुरानीबस्ती पर प्रकाशित सभी ख़बरें सिर्फ अफवाह हैं, किसी भी कुत्ते और बिल्ली से इसका संबंध मात्र एक संयोग माना जाएगा। इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इसे लिखते समय किसी भी उड़ते हुए पंक्षी को बीट करने से नहीं रोका गया है। यह मजाक है और किसी को आहत करना इसका मकसद नहीं है। यदि आप यहाँ प्रकाशित किसी लेख/व्यंग्य/ख़बर/कविता से आहत होते हैं तो इसे अपने ट्विटर & फेसबुक अकाउंट पर शेयर करें और अन्य लोगों को भी आहत होने का मौका दें।