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वासेपुर में टमाटर का व्यापार

यह उस समय की बात है, जब टमाटर की खुले आम बीक्री पर रोक थी और सरकारी ठेकों के द्वारा टमाटर बेचने के टेंडर अलॉट किया जाता था। टमाटर के ठेकों की बंदर बांट में एक व्यक्ति ऐसा भी था जो इस खेल से निकलना चाहता था। वो था वासेपुर टमाटर असोसिएशन के अध्यक्ष रामाधीर सिंह का बेटा का जो एक लड़की से प्यार करता है और वो अपने पिताजी के टमाटर के ठेको का धंधे को छोड़कर एक शरीफ आदमी की जिंदगी जीना चाहता है। इसलिये वो अपने पिता के टमाटर के ठेके सरदार खान को बेच देना चाहता है। 

वो अपने पिताजी को जबरदस्ती हज यात्रा पर भेज देता है। जब की उसके पिताजी उसे लाख मना करते हैं कि हिंदू चार धाम यात्रा पर जाते हैं। हज पर सिर्फ मुस्लिम लोग जाते हैं। पिताजी के हज के लिए निकलते ही रामाधीर सिंह का बेटा टमाटर  ठेकों को बेचने के लिए नगर निगम के ऑफिस पर अपने पिता के नाम से आबंटित टमाटर ठेकों के पेपर लेने पहुंच जाता है। वहाँ एक अफसर की कनपट्टी पर बंदूक धरने पर उसे पता चलता है कि नगर निगम ने तो आज तक टमाटर ठेकों के लिए कोई कॉन्ट्रैक्ट अलॉट नहीं किया है।

रामाधीर सिंह के बेटे को इस बात से बहुत ठेस लगती है और वो नगर निगम ऑफिस के सामने गैर कानूनी टमाटर ठेकों को कानूनी बनाने और अपने नाम पर ट्रांसफर करवाने के लिए अनशन कर देता है। अनशन के दूसरे दिन सरदार खान रामाधीर सिंह के बेटे का अपहरण कर लेता है और उसको समझाता है कि उसके इस अनशन के कारण मंत्री जी, जज साहब, पुलिस कमिश्नर और नगर निगम के अध्यक्ष नाराज हैं। क्योंकि उन सब ने टमाटर ठेकों को कानून की नजर में ना आने देने के लिए बहुत से गैर कानूनी मामलों को कानूनी बना दिया।

रामाधीर सिंह के बेटे को सरदार खान की बात समझ आ जाती है। वो अपने ठेके 2 ट्रक टमाटर के बदले बेचने के लिए तैयार हो जाता है। टमाटर के दाम सुनकर सरदार खान एक बार तो रामाधीर सिंह के बेटे को जान से मार देना चाहता है कि तभी उसका दिमाग दौड़ता है और वो टमाटर के दो ट्रक मंगवाता है। जिसमें आगे के कुछ क्रेटों को छोड़कर सब में आलु को लाल रंग मारकर रख दिया गया है। 

रामाधीर सिंह जब  हज से लौटता है तो उसे अपने ठेकों पर सरदार खान के लोग दिखाई देते हैं। मोमोस बेचनेवालों से उसे पता चलता है कि उसका बेटा दो ट्रक टमाटर के बदले अपने ठेके सरदार खान को बेचकर चला गया है। रामाधीर सिंह अब सरदार खान से अपने ठेके वापस लेना चाहता है और सरदार खान वहीं दूसरी तरफ टमाटर के ठेकों को हटाकर हटाकर अपनी टमाटर और प्याज के गोदाम बनवाकर उनके दाम बढ़ाने के काम पर लग गया। सोने से भी अधिक फायदा उसे टमाटर और प्याज को होर्डिंग करने में दिखता है। उसके ही बचपन का एक साथी टमाटर बेचकर इतना पैसा कमा चुका है कि उसने राजसभा की एक सीट खरीद लिया।

क्रमशः